छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है और मनाना भी चाहिए ।रायपुर से नया रायपुर तक हर चौक, चौराहे और सड़क को बैनर और विशाल होर्डिंग से ढक दिया गया है । रायपुर के एक चौक में बड़ी सी होर्डिंग में लिखा था – उत्त्सव निर्माण का, उल्लास विकास का, लेकिन यह कैसे राज्य का निर्माण है जहाँ अटल बिहारी वाजपेयी जी का कोई उल्लेख नहीं, कही नाम नहीं ? आधुनिक भारत के राजनीतिक इतिहास में और विशेषकर छत्तीसगढ़ के निर्माण में अटल बिहारी वाजपेयी जी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता ।

वाजपेयी जी क्षेत्रीय असंतुलन के दर्द को बख़ूबी समझते थे, वे समझते थे की एक छत्तीसगढ़िया की आँखों में स्वाभिमान का दर्द झलक रहा है और इन परस्तिथियों में उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का ऐलान किया । एक आम सभा में उन्होंने घोषणा कि यदि भाजपा सभी 11 लोकसभा क्षेत्रों में विजयी हुई तो राज्य निर्माण ज़रूर होगा । श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी और श्री लालकृष्ण आडवाणी जी ने वर्षों से उपेक्षित क्षेत्र रहे छत्तीसगढ को विकसित कर देश की मुख्य धारा में जोड़ने की कल्पना के साथ राज्य बनाया था लेकिन आज इस नए छत्तीसगढ़ में इतिहास का कोई महत्व नहीं है ।

क्या भाजपा इतनी सशक्त हो चुकी है कि उसे अपनी जड़ो से मतलब नहीं ? प्रचार- प्रसार से गुरेज़ नहीं है साहब, हम भी समझते है कि ब्रांडिंग का ज़माना है लेकिन मज़ाक़ सा लगता है जब प्रदेश में खोजने पर भी वाजपेयी जी नहीं मिलते। पाँच दिन के इस राज्योत्सव में – योजनाओं के बीच, इन राजनेताओं के बीच वाजपेयी जी कहीं खो गए है। आज के राजनीतिक अफरा तफरी और अराजक आरोपों के दौर में वाजपेयी जी जैसे अजातशत्रु राजनेता की सक्रियता बहुत जरूरी महसूस होती है। लेकिन क्या फ़र्क़ पड़ता है 25 दिसम्बर क़रीब है सुशासन दिवस धूमधाम से मनाएँगे। आप सभी को इस राज्योत्सव 2017 की बहुत बहुत शुभकामनाएँ।

The President, Shri Ram Nath Kovind gracing the Rajya Alankaran Samaroh, at Rajyotsav Ground, at Naya Raipur, in Chhattisgarh on November 05, 2017.
The Governor of Chhattisgarh, Shri Balram Dass Tandon, the Chief Minister of Chhattisgarh, Dr. Raman Singh and other dignitaries are also seen.

Many many happy returns of the day Chhattisgarh