कांग्रेस के कार्यक्रम से अपनी तुलना करने वालों को जनता ने आईना दिखाया
कोटमी की सभा में एक लाख से अधिक लोग शामिल हुये
जंगल में रहने वालों और आदिवासियों की अधिकारों की लड़ाई का बड़ा कार्यक्रम आज कोटमी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरासिंह मरकाम, एकता परिषद के पी.वी. राजगोपाल राजाजी सहित विभिन्न संगठनों की उपस्थिति में विशाल जनसमुदाय उमड़ पड़ा। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की कोटमी में सभा से अपने कार्यक्रम की तुलना दम्भ भरने वाले लोगों को आज उनकी जमीन का अहसास हो गया होगा। एक तरफ कोटमी का विशाल जंगल सत्याग्रह का कार्यक्रम हुआ जिसमें एक लाख से अधिक लोग शामिल हुये, दूसरी ओर पेण्ड्रा की छोटी सभा जिसमें पूरी सरकारी मशीनरी और भाजपा और संघ के लोगों के सहयोग के बाद भी बमुश्किल 7 से 8 हजार लोग ही जुटा पाये।

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भाजपा सरकार और भाजपा की बी-टीम और पूरे प्रशासन तंत्र के बाधा पहुंचाने के बाद भी कांग्रेस की कोटमी सभा में उमड़ा जन समुदाय प्रदेश में बदलाव का पुख्ता संकेत है। दूसरी ओर अडानी की रेल्वे लाईन बनाने में लगे उद्योगपति, रमन सिंह सरकार, रेल्वे लाईन बना रहा सांसद पुत्र ठेकेदार और इन सबसे मदद लेने वाले और इन सबकी मदद करने वाले राजनैतिक दल के लोग मौजूद थे। महाभारत की लड़ाई में कौरवों की तरह यह समूह भी अन्याय भू-अधिकार हड़पने की दूरभी संधि में संलग्न है। कुछ-कुछ महाभारत जैसा प्रसंग बन रहा है, जहां पर कौरवों ने पांडवों द्वारा मांगे 5 गांव तो दूर सुई की नोक बराबर भी भूमि देने से इंकार कर दिया था। पेण्ड्रा का आयोजन, पेण्ड्रा का समूह कौरवों की तरह था और कोटमी में जंगल में रहने वालों गरीबों, आदिवासियों की जमीन की और वन अधिकार की लड़ाई थी जो महाभारत में हुआ वही आज हुआ। सब कुछ आईने की तरह स्पष्ट है। कांग्रेस के कार्यक्रम से अपनी तुलना कर अपना कद बढ़ाने का दिवा स्वप्न देखने वाले लोगों को जनता ने उनकी असली हैसियत दिखा दी।