प्रदेश से आये हजारो कार्यकर्ताओं में कार्यक्रम को लेकर भारी उत्साह

डाॅ. भीमराव अंबेडकर जंयती समारोह का आयोजन में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के तत्वाधान में आज रंगमंदिर गांधी मैदान रायपुर में भारी संख्या में प्रदेश के सभी जिलो से आये कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री. के.राजू के मुख्य आतिथ्य एवं भक्त चरण दास सचिव अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं प्रभारी सचिव छत्तीसगढ़ की अध्यक्षता एवं प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डाॅ. चरण दास महंत, सासंद द्वय ताम्रध्वज साहू एवं छाया वर्मा, पूर्व अध्यक्ष पीसीसी धनेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा एवं विधायक गण एवं अनुसूचित जाति विभाग के प्रभारी श्री जयदीप कालिया के विशिष्ट उपस्थिति में संपन्न हुआ।
अनुसूचित जाति विभाग राष्ट्रीय अध्यक्ष के. राजू जी ने कहा कि सबसे पहले शिव डहरिया जी को बधाई देना चाहता हूं। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस में हम सभी को एक साथ बैठने का मौका दिया। स्पष्ट रूप से कहा हर कांग्रेस पार्टी का हर वर्कर मनुवादी के खिलाफ है। उन्होने कहा कि राहुल जी के मन में अनसूचित जाति, जनजाति की सोच क्या है रखना चाहता हूं। राहुल जी ने कहा कि कांग्रेस को बीएसपी की मूवमेट की तरह काम करने को कहा। जिसमें एससी एसटी के लोगो को मानसम्मान देने के लिये एससी प्रकोष्ठ को  काम करना होगा। छत्तीसढ़ में हरेक अनुसूचित जाति, जनजाति को यह कहना कि कांग्रेस में मान सम्मान मिलेगा, आपके सामने यही बड़ी चुनोैती है। देश में कांग्रेस पार्टी के बारे में सुझाव लिये। कंाग्रेस से लोग दूर जा रहे है। लेकिन यह गलत है, अनसूचित जाति, जनजाति के लोगो से दूर जा रहे है। जिला कांग्रेस कमेटी को अपने जिलों में अनुसूचित जाति वर्ग के 10-10 नेता पैदा करना पड़ेगा। पहले हम संविधान की बात करते है तो संविधान लिखने का काम कांग्रेस ने रखा, 90 प्रतिशत मेंबर्स कांग्रेस समर्थित थे जिन्होने बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान निर्माण में लाये।  हम सभी के मन में यह विश्वास होने चाहिये कि अगले चुनाव में हम सत्ता में आयेगे तभी निश्चित रूप से हम सत्ता में अवश्य आयेगे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि 116 साल पहले अंबेडकर जी ने सामाजिक समरसता की बात कही, लेकिन इनसे पहले 260 साल पहले गुरू घासीदास जी ने सामाजिक समरसता भाईचारा की बात कही। छत्तीसगढ़ में किसी भी प्रकार का संघर्ष नहीं हुआ। समरसता और भाईचारा से रहते है। जोगी जी ने गुरू घासीदास जी का स्थान लेना चाह रहे थे और इसी क्रम में अनुसूचित जाति के बड़े नेताओं को खत्म किया। उन्होने कहा कि सामान्य वर्ग के बड़े नेताओं को अनुसूचित जाति के 10 सीटो को जिताने का जिम्मेदारी होना चाहिये वही शेष 51 सीटो को जिताने की जिम्मेदारी अनुसूचित जाति के नेताओं को होनी चाहिये।

 

 
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी भक्त चरणदास ने कहा है कि बाबा साहेब और कांग्रेस एक दूसरे के पूरक है। कांग्रेस को बाबा साहेब से अलग करके रखा जा रहा है और ऐसी बाते कर वोट को कन्वट कर रहे है। ऐसे लोगो को पहचान कर सावधान रहना है। पूरी राजनीति सामाजिक क्रांति से परिवर्तित होगी, हर समूह को समझना और एक होना है। हमारे पास पेट की ज्वाला है। इसलिये कोई भी नेता गरीब को तोड़ देता है। गरीब लोगो को आपस लड़ाता है कौन है इसे सामान्यतः जानते नहीं इन्हे जानकर प्रचारित करना होगा। पिछले दो दशक से हम अपना प्रतिनिधि नहीं बना पाये है। कांग्रेस ने ऐसा नेता नहीं बनाया हमे सच्चाई को जानना चाहिये।
प्रगति उस राष्ट्र का होगा जहां महिलायें आगे हो लेकिन यहां महिलाओं के साथ, आदिवासी बच्चियों के साथ अन्याय हुआ, लड़ाई शुरू की गयी, लड़ाई निरंतर होना चाहिये था, हम इसे छोड़ देते है, जबकि होते रहना चाहिये था।
एक चिंगारी कही से ढूंढ के लाओ दोस्तो, और वो चिंगारी है डाॅ. शिव डहरिया। जिसे प्रदेश कार्यकारिणी और राहुल गांधी जी ने चुना है, जो आज सभी के सामने है। निश्चित रूप से परिवर्तन आने वाला है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता टी.एस. सिंहदेव ने कहा है कि 13 प्रतिशत अनुसूचित जाति, 30 प्रतिशत जनजाति, 50 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग बचे 7 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व हम भी करते है। यदि मेरा उस परिवार में जन्म हुआ तो वह एकमात्र संयोग था। मनखे मनखे एक समान व्यवस्था बनाने के लिये ऐसे मानव परिवार का सृजन करना है जिसमें भेदभाव न हो। इसी को मद्देनजर रखकर संविधान का निर्माण किया है। हम सभी एक ऐसा एजेन्डा देंगे जो अधार बनेगा, कांग्रेस आयेगी तो कह सकेगे। 10 में से अधिक से अधिक सीट लाने का संकल्प लिया। रामचंद्र गुहार ने लिखा था कि 11 दिसंबर 1949 दिल्ली के रामलीला मैदान में संविधान निर्माता और प्रधानमंत्री का  आरएसएस वालो पुतला फूंका था। वही आज बाबा साहेब की बात करते है। बिहार चुनाव के पहले आरक्षण खत्म करने की बात कहा था। संविधान की समीक्षा की बात करते है। ऐसे लोगो को पहचान कर इनका पुतला दहन किया जाना चाहिये।

 

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अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष डाॅ. शिवकुमार डहरिया ने स्वागत भाषण देते हुये कहा है कि बाबा साहेब अंबेडकर जी हमारे दलित समाज के प्रमुख नेता देश की आजादी का आंदोलन चल रहा था तब भी और देश के आजादी के बाद हमारे राष्ट्र पिता महात्मा गांधी पं. जवाहर लाल नेहरू जी और डाॅ राजेन्द्र प्रसाद जी और हमारे कांग्रेस के नेताओ ने जब देश के संविधान बनाने की आई तो उस समय के सबसे महान उम्मीदवार और हमारे दलित समाज के नेता डाॅ. भीमराव अंबेडकर जी को ये जिम्मेदारी दी जो देश का संविधान बनाये और आप सब जानते है जब देश का संविधान बने तो विश्व में सबसे अच्छा संविधान हमारा हमारे देश का संविधान है कई 200 से ज्यादा देश उन सब देशो का अच्छी अच्छी बाते है उन्होने उन सब को संविधान में शामिल कर देश को सर्वसंभाव और बाबा गुरूघासीदास जी के रास्ते पे सब को समानता का अधिकार सबको शिक्षा का अधिकार सब को रोजगार का अधिकार और सबको समानता का अधिकार दिलाने का काम बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान के माध्यम से दिया है हम सबको यहा उनका स्मरण करना चाहिये और उन्होने जो रास्ता दिखाया है उस रास्ते पर चल कर हम लोग सब काम करें तो निश्चित रूप से भारतीय जनता पार्टी जैसी पार्टी को हटा सकेगे।
डाॅ. शिवकुमार डहरिया ने इन सभी बातो के लिये भूमिका तैयार की। मैं बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं।
आज के कार्यक्रम में डाॅ. शिवकुमार डहरिया के नेतृत्व में डीपी धृतलहरे के पुत्र तरूण धृतलहरे एवं जागेश्वर राजपूत जनता कांग्रेस को छोड़कर अपने सैकड़ो कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस प्रवेश किया।

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आज के कार्यक्रम में प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ प्रभारी जयदीप कालिया, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डाॅ. चरण दास महंत, गुरूमुख सिंह होरा, धनेन्द्र साहू, उपनेता प्रतिपक्ष रेणु जोगी, लोकसभा सांसद ताम्रध्वज साहू, राज्य सभा सांसद छाया वर्मा, पूर्व मंत्री धनेश पाटिला, शहर जिला अध्यक्ष विकास उपाध्याय, नारायण कुर्रे, निर्मल कोसरे, प्रदेश सचिव विजय बघेल, पवन जांगड़े, शेषराज हरबंश, शोभाराम बघेल, पीआर खुंटे, रवि भारद्वाज, रूद्र कुमार गुरू जी, चुन्नी लाल साहू, जनकराम वर्मा, रामदयाल उईके, चैन सिंह सामले, पंकज बांधव जी, केदारनाथ डहरिया, सुनील बांदे, सिद्धार्थ डोंगरे, दीनाराम चेलक, श्रीमती पदमा मनहर, प्रेमसाय सिंह, बैजनाथ चंद्राकर, माधव सिंह ध्रुव, अंबिका मरकाम, मधुसूदन लाल चंद्राकर, भजन सिंह निरंकारी, लेखराम साहू, चुरावन मंगेश्वर, राजन खुटेल, सूर्यकुमार खिलारी, कांति बंजारे, सुलोचना मारकण्डे, भुनेश्वर बघेल, धीरज मेश्राम, गोविंद टंडन, राजकुमार अंचल, राम शंकर साहू पार्षद नगर पंचायत टुण्डरा, रामधनी वर्मा, नंद किशोर हरबंश, मोहित धृतलहरे, मनोज बंजारे, विकास बांधे, सुरेन्द्र महेश्वरी, जितेन्द्र आजाद, बी.डी. कोसले, विनोद दिवाकर, मिश्रा गांधी बंजारे, राम जोशी, लीलाराम चंदेल, लोकमणी कोसले, आनंद गिलहरे, महेन्द्र चंद्राकर, दिलीप लहरिया, शिशुपाल शोरी, ओनी महिलांग, शिवचरण दास बघेल, स्वामी व्यास भारती, शंकर पिपरे, जयप्रकाश वर्मा, राईस किंग खुंटे, चैलेश्वर चंद्राकर, तरूण धृतलहरे, रेखचंद कोसले, संजय सोनी, सुनील भतपहरी, रूपलाल कोसरे, प्रदीप क्षत्रीय, नरेश गढ़पाल, वेदराम मनहरे, रेखराम पात्रे, राजकुमार अग्रवाल, ढालेन्द्र गिरी, सुरेन्द्र तिवारी, आगढ़ दास, टेकराम कोसले, मोन्टू तिवारी के अलावा प्रदेशभर के हजारो कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।