किसानों की परेशानियों का कोई निराकरण नहीं, सरकार कर रही है केवल दिखावा

 प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि गरियाबंद जिले के किसानों की जमीन पर नाली निर्माण करने की सहमति लेने तथा मुआवजा देने का आश्वासन देकर विभाग एवं प्रशासन द्वारा तीन साल से तीन गांव के 95 किसानों को दफ्तरों का चक्कर कटवाना, किसानों के साथ घोर अन्याय है। सरकार समस्याओं के निराकरण का बहुत सारा माध्यम बताती है, मसलन ग्राम सुराज अभियान, जन समस्या निवारण शिविर, जनदर्शन आदि किन्तु यह सरकार का दिखावा मात्र साबित हो रहा है। किसानों की परेशानियो का कही निराकरण नहीं हो रहा है, जो इस बात का प्रमाण है। सरकार जनसमस्या निवारण शिविर लगाती है, ग्राम सुराज के नाम से हजारों आवेदन लेने और उसका निराकरण का ढोंग करती है। विकास यात्रा निकाल कर सौगाते देने, किसानों की तकलीफों को प्राथमिकता से दूर करने का बखान करती है, किन्तु यह सभी बातें अंदुरूनी इलाके में जाने पर केवल गलत बयानी और जुमला साबित हो रही है। गरियाबंद जिले के नागाबुड़ा, कोसमी और कोसमबुड़ा के 95 किसानों ने आरोप लगाया है कि उनकी न अधिकारी सुनते है, और न ही उनसे जनप्रतिनिधी बात करने को तैयार है।

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तीन साल से मुआवजे की रकम के लिये उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है। किसानों की जमीन पर नाली निर्माण एवं लाईनिंग हुये तीन वर्ष हो गये किन्तु जमीनों का मुआवजा नहीं दिया गया। जल संसाधन विभाग, कलेक्टोरेट का 95 किसान चक्कर लगा-लगाकर थक चुके है। किसानों को केवल आश्वासन दिया जाता है और उन्हें समझा बुझाकर रवाना कर दिया जाता है। यही सिलसिला चल रहा है और गरीब किसान अब ठगा सा महसूस कर रहा है। बिजली विभाग तो किसानो के सहमति के बिना ही खेतों में टावर खड़ा कर देती है। सड़क चौड़ीकरण एवं नाली निर्माण को लेकर पंचायत विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग किसानों की जमीन पर निर्माण कार्य कर देते है और मुआवजा एवं सहमति की प्रक्रिया नहीं अपनाते है, यह सिलसिला पूरे राज्य में चल रहा है। 

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प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि 95 किसानों को जमीन का मुआवजा क्षतिपूर्ति के साथ शीघ्र प्रदान किया जाये। किसानों की जमीन का इस्तेमाल कर इस तरह भटकाने का क्या औचित्य है? सरकार विकास यात्रा के बहाने नगाड़ा पीट-पीटकर राज्य की जनता को केवल गुमराह कर रही है और सरकारी धन का दुरूपयोग कर भीड़ इकट्ठा करके वाहवाही लूटने का कार्य कर रही है। सरकार को जनता की वास्तविक समस्या के निराकरण से कोई सरोकार नहीं है। गरियाबंद जिले एवं राज्य के अन्य जिलों के किसानों के साथ किया जा रहा बर्ताव भाजपा सरकार के कुशासन को दर्शाता है।