राजीव गांधी चौक से अम्बेडकर चौक तक निकाला गया कैंडल मार्च
पीएल पुनिया, भूपेश बघेल,चरणदास महंत,सत्यनारायन शर्मा की उपस्थिति में हुआ धरना प्रदर्शन
पहाड़ी चौक के कार्यक्रम में भाजपाइयों ने किया पथराव 
नोटबन्दी के असफलता के साल पूरे होने कांग्रेस ने प्रदेश भर में 8 नबम्बर को काला दिवस मनाया इस दौरान नोटबन्दी के कारण जिन लोगो की मृत्यु हुई थी उन्हें केंडल जला कर श्रद्धांजलि दिया गया।राजधानी रायपुर में प्रदेश प्रभारी पी एल पुनिया,प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल,पूर्व मंत्री चरणदास महंत पूर्व मंत्री सत्यनारायन शर्मा की उपस्थिति में गुढ़ियारी के पहाड़ी चौक एवं राजीव गांधी चौक में धरना प्रदर्शन किया गया।पहाड़ी चौक में कार्यक्रम की शुरुवात झीरम घाटी नक्सली हमला में शहीद नंदकुमार पटेल की छायाचित्र में पुष्पाजंलि के साथ हुआ आज स्व.नन्द कुमार पटेल की जयंती है।पहाड़ी चौक में नोटबन्दी की विफलताओं पर प्रदर्शनी भी लगाया गया था। प्रदर्शनी के माध्यम से बताया गया कि कैसे नोटबन्दी के चलते रुपयों की कमी के कारण लड़कियों के विवाह बन्धन टूटने के सदमे के कारण उनके माता पिता की मोत हुई।तो कही नोट बदलने बैंकों के लाइन लगे लोगों की वही खड़े खड़े मृत्यु हो गई तो कही पैसा होने के बावजूद सिर्फ अचानक चलन से बाहर होने के कारण बीमार लोगो का इलाज नही हो पाने के कारण मौत होगई।इस प्रदर्शनी में देश की व्यथा को प्रदशित किया गया।पहाड़ी चौक में कांग्रेस के द्वारा आयोजित शांति पूर्ण कार्य्रकम को विफल करने मंत्री राजेश मूणत के समर्थकों ने गुडगर्दी किया।मंच में बैठे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के ऊपर ईट पत्थर से हमला  किया गया भाजपाइयों के गुंडा गर्दी को पुलिस प्रशासन का संरक्षण प्राप्त था।जबकि कांग्रेस के प्रदेश व्यापी विरोध प्रदर्शन कि सूचना जिला प्रशासन को पहले से थी इसके बावजूद कार्यक्रम स्थल के सामने स्थित मंत्री राजेश मूणत के समर्थक इकठ्ठा होते रहे है और मंत्री के कार्यलय में ही कांग्रेस के नेताओ के ऊपर हमला करने ईट पत्थर इकठ्ठा किया गया था।पुलिस प्रशासन चाहती तो ये टकराव को रोका जा सकता था। भाजपाइयों के द्वारा अचानक कि गई पथराव से कई महिलाओं को गम्भीर चोट लगीं वरिष्ठ कार्यकर्ता ताई की हाथ की अंगूठा पत्थर लगने से फैक्चर हो गया कुछ कार्यकर्ताओ के सर में भी गम्भीर चोट लगी। हरकत का गुंडागर्दी का प्रदेश प्रभारी पी एल पुनिया ने कड़ी शब्दो मे निंदा किया।राजीव गांधी चौक में ब्लाक कांग्रेस कमेटी पुरानी बस्ति,सदरबाजार, सिविल लाइन के द्वारा कालादिवस का संयुक्त आयोजन किया गया। नोटबन्दी के दौरान हुई 155 लोगो की मौत हुई थी इनको श्रद्धान्जलि देने राजीव गांधी चौक से केंडल मार्च निकाला गया जो शास्त्री चौक से बाबा भीमराव अबेडकर चौक में श्रद्धाजंलि अर्पित किया गया। पहाड़ी चोक में शांति पूर्वक कार्यक्रम में हुए पथराव के विरोध सत्यनारायन शर्मा, विकास उपाध्याय ने पुलिस अधीक्षक कार्यलय में धरना दिया एवं गुंडागर्दी करने वाले भाजपाइयों को गिरिफ्तार करने की मांग कि।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पी.एल. पुनिया ने नोटबंदी को मोदी सरकार द्वारा हताषा में लिये गये निर्णय करार देते हुये कहा कि इस निर्णय से पूरे देश को जिस ढंग से आघात लगा, लोगो को जिस ढंग से तकलीफ का सामना करना पड़ा, जिस ढंग से अपने नोट को बदलने के लिये कई दिनों तक गरीब लोगों को बैंको मे कतारों में भूखे प्यासे खड़ा होना पड़ा, जिसके चलते सैकड़ों लोगों को भूख, प्यास एवं सदमें के चलते मौत के मुंह में जाना पड़ा। ये सब देश के लिये बड़ा ही दुर्भाग्य एवं अफसोसजनक घटनायें थी। मोदी जी के इस अहंकार भरे निर्णय ने पूरे देश की अर्थव्यवस्था को चैपट करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ा। जिस बातों को लेकर मोदी जी ने 8 नवंबर को न्यूज चैनलों के माध्यम से देशवासियों को इस निर्णय को लेने का कारण बताया दुर्भाग्य से एक साल व्यतीत हो जाने के बावजूद चाहे कालधन वापसी का मामला हो, चाहे आतंकवादियों/नक्सलियों की कमर टूटने की बात हो, या फिर नकली नोटो से देश को निजात दिलाने की बात हो, या फिर देश मे भ्रष्टाचार समाप्त करने की कही गयी बात हो, एक भी उद्देश्य की पूर्ति इस नोटबंदी से होते हुये आज तक लोगों को महसूस नहीं हुआ, न ही अब तक होता दिखाई दे रहा है। बल्कि इस निर्णय का असर उल्टा हुआ दिखाई पड़ा। इतने बड़े निर्णय लेने में प्रधानमंत्री ने न तो वित्त मंत्री को, रिजर्व बैंक को और न ही अपने आर्थिक सलाहकार को विश्वास में लिया, बल्कि केबिनेट में भी इतने बड़े निर्णय को लेने से पूर्व मंजूरी लेना उचित नहीं समझा, एक प्रकार से अपने पूरे मंत्रिमंडल पर मोदी जी ने अविश्वास व्यक्त किया। उन्होने भाजपा पर यह आरोप लगाया कि नोटबंदी निर्णय के पूर्व, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के भाजपा के खाते में करोड़ों रूपया जमा कराया गया। अमितशाह और भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष गोपीनाथ मुंडे की पुत्री पंकजा मुंडे द्वारा संचालित बैंको में कई सौ करोड़ रू. 500-1000 रू. के जमा कराये गये, जो इस बात को बताता है कि मोदी के द्वारा लिया गया निर्णय देशहित में नहीं बल्कि उस समय के कुछ राज्यों के होने वाले चुनावो में सत्ता हासिल करने के लिये भाजपा का एक बहुत बड़ा सुनियोजित षड़यंत्र था।

श्री पुनिया जी ने राजीव गांधी चैक बैरन बाजार में आयोजित सभा में भाजपा सरकार को कोसते हुये कहा कि आधी-अधूरी तैयारी से लिये नोटबंदी के निर्णय ने देश को काफी पीछे धकेल दिया। मोदी जी ने अपने लोगों को इस निर्णय को पहले से बता दिया था, यही कारण है कि भाजपा ने इस कालेधन को पूरे हिन्दुस्तान में पार्टी कार्यालय बनाने के लिये, जमीन खरीदने एवं भवन बनाने के लिये खर्च किया। अंबानी और अडानी जो मोदी और भाजपा के खास है, उन्हीं के पास कालाधन है। डाॅ. रमन सिंह सहित सभी भाजपा मुख्यमंत्रियो के पास कालाधन जमा है। जिस पर सरकार कार्यवाही क्यो नहीं करती? पनामा और पैराडाइज पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री के बेटे अभिषेक सिंह का नाम आ चुका है। इसी से पता चलता है कि देश का कालाधन भाजपा के मुख्यमंत्रियों एवं मंत्रियो के पास सबसे ज्यादा है, इस पर कार्यवाही करने की हिम्मत मोदी जी में नहीं है।
इंदिरा जी देश और देशवासियों के हितो की चिंता करती थी, यही कारण है कि ऐसा कोई भी निर्णय नहीं लेती थी, जिससे देश कठिनाई में पड़ जाये देश और देशवासियों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी या तकलीफ न पहुंचे, उनके मन में कोई भी निर्णय लेने के पहले इस बात की चिंता रहती थी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने नोटबंदी को देश के लिये बड़े ही दुर्भाग्यशाली निर्णय बताते हुये उन्होने नोटबंदी के निर्णय को भाजपा की एक सुनियोजित लूट की संज्ञा दी। नोटबंदी से छत्तीसगढ़ के कई कल कारखानो मे ताला लग गया, हजारो लोग बेरोजगार हो गये, घर की महिलाओं को अपने घर के जरूरतो के लिये सालो से जमा की गयी पूंजी से इस निर्णय के चलते एक झटके में वंचित होना पड़ा, राज्य के किसानों को बदहाली के दौर से गुजरना पड़ा,  उन्हें अपने उत्पादन का लागत मूल्य भी नहीं मिल पाने के कारण अपने उत्पाद को सड़कों में आकर फेकना पड़ा, राज्य के कई किसानो को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा, हालात यहां तक आ गयी कि सैकड़ों की संख्या में उन्हे हताषा और निराशा में आत्महत्या करने को विवश होना पड़ा। लेकिन वाह रे छत्तीसगढ़ की रमन सरकार तकलीफ एवं परेशानी मे पड़े लोगो को सहयोग की बात तो दूर, मृतक परिवारों को फौरी आर्थिक सहयोग की बात तो दूर, संवेदना के दो शब्द भी नहीं कह पाये। उल्टे हुये मौत को अन्य कारण बताते हुये नोटबंदी की बखान करते नहीं थके। ऐसी असंवेदनशील केन्द्र और राज्य की भाजपा सरकार की जितनी भी निंदा की जाये वह कम है। दुर्भाग्य से उन्हें अपने इस लिये गलत निर्णय एवं कृत्यों का पश्चाताप करने के बजाय आज के दिन को उत्सव दिवस के रूप में मनाकर निरलतता का परिचय देने में लगी है। निश्चित रूप से जनता नोटबंदी के चलते हुये परेशानी, तकलीफों एवं दुखों को सहने के लिये सरकार की हठधर्मिता के चलते ही मजबूर हुयी है किन्तु भूली बिल्कुल नहीं है, समय आने पर इस असंवेदनशील सरकार को जनता जरूर सबक सिखायेगी।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री डाॅ. चरणदास महंत ने भी सभा को संबोधित करते हुये कहा कि नोटबंदी से सबसे ज्यादा देश में प्रभावित हुई है तो वह हमारी माताएं, बहने, गृहणी है क्योंकि उनके पास रखे गए रुपए परिवार में आए आपत्ति पर किए जाने वाले खर्च के लिए होते हैं उन रुपय को भी नहीं छोड़ा देश के प्रधानमंत्री ने।
पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुये कहा कि नोटबन्दी देश का सबसे बड़ा घोटाला है जिससे देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आमजनो को सीधा नुकसान उठाना पड़ा है। जिस कालेधन की बात कहते रहे आज वही कालाधन दिखाई नही दे रहा है, न ही हिंसा, आतंकवाद, नक्सलवाद समाप्त हो पाया है।

कार्यक्रम को पूर्व  मंत्री अमितेश शुक्ल,राजेन्द्र तिवारी ,विकास उपाध्याय, कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, प्रमोद दुबे,रमेश वल्यानी, इन्द्रचंद धाड़ीवाल,संजय पाठक,सुनीता शर्मा,महेंद्र छाबड़ा,श्री कुमार मेनन, प्रमोद चौबे,अरुण भद्रा, शरीक रईस खान,सुनील बजारी,अन्नू साहू,सुंदर जोगी,दिलीप अग्रवाल निजामुद्दीन, अजय त्रिपाठी, ने सम्बोधित किया।कार्यक्रम में प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन ,सुभाष शर्मा, छाया वर्मा,कुलदीप जुनेजा,सूर्यमणि मिश्रा, ज्ञानेश शर्मा,अध्यक्ष सोमेन चटर्जी,सुमित दास, चन्द्र बेहरा सलाम रिजवी,हसन खान,दीपक दुबे,मदन तालेड़ा,अजय साहू,हरदीप बेनिपाल,रवि थॉमस,जसविंदर भम्भरा,नन्द झा,
देव साहू,पार्षद रामदास कुर्रे,एजाज ढेबर,तरुण श्रीवास,विमल गुप्ता,सतनाम पनाग,अमित दास सोमन लाल ठाकुर,बबिता नथानी,शायरा बानो,असरफ हुसैन,आशीष सिंदे,अमित शर्मा, घनश्याम राजू तिवारी, विकास तिवारी,  एम.ए. इकबाल, समीम अख्तर, मो. अमजद, निवेदिता चटर्जी, आशा चैहान, सुनीता शर्मा, वंदना राजपूत, पिंकी बाघ, रेणु मिश्रा सुनील चंनेवार,तारिक खान,वंदना गुप्ता,दना राजपूत,सुनील देवांगन,धनंजय सिंह ठाकुर,गिरीश दुबे,विपिन मिश्रा, शिव श्याम शुक्ला, अनिल बर्गे,सुधा सरोज,हजनुन बानो, एवं सैकड़ो की संख्या में महिलाये व कांग्रेसजन उवस्थित थे।