विकास के नाम पर विनाश बर्दाश्त नहीं – कन्हैया

रायपुर । राजधानी के चंगोराभाठा मटकोड़वापारा में स्थित 129 परिवार को उजाड़ने के लिए नगर निगम द्वारा झुलसाती गर्मी में फरमान जारी किया गया है । निगम द्वारा अमानवीय और अवैधानिक तरीके से जारी की गई नोटिस को रोकने के लिए कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कन्हैया अग्रवाल और कोमल अग्रवाल के नेतृत्व में आज 100 से ज्यादा महिलाओं और पुरुषों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा ।

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चंगोराभाठा आदिवासी कॉलोनी के सुनील ध्रुव और शत्रुघन ने उक्त आशय की जानकारी देते हुए बताया कि उनकी बस्ती में बसे ज्यादातर लोग आदिवासी उत्कल समाज और पिछड़ा वर्ग के हैं जिन्हें गरीबी की हालत में राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत सन 1998 में 30 वर्ष के लिए पट्टा आवंटित किया गया था । गरीबों के घर तोड़े जाने के मामले को घोर अन्याय पूर्ण बताते हुए कन्हैया अग्रवाल ने कलेक्टर की अनुपस्थिति में अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि 30 साल के लिए पट्टा सरकार ने जारी किया है जिसमें 10 वर्षों का समय अभी बाकी है ,पट्टे की जमीन पर अनुज्ञा निगम के द्वारा जारी नहीं की जाती तो झुग्गी वालों से मांगना कहां तक जायज है । इस पूरी प्रक्रिया में तोड़ने के लिए कोई बड़ा कारण बताने में अफसर असमर्थ हैं इससे स्पष्ट होता है कि झुग्गी हटाने की कार्रवाई के तार कहीं ना कहीं जमीन हड़पने के प्रयासों से जुड़े हैं ।अपर कलेक्टर ने प्रभावित होने वाले नागरिकों से उनकी पीड़ा सुनने के बाद आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया ।


सुनील ध्रुव और शत्रुघ्न ने बताया कि बस्ती के गरीबों के साथ होने वाले अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा , बस्ती तोड़ने नहीं देंगे इसके खिलाफ क्रमबद्ध आंदोलन के लिए कन्हैया अग्रवाल के साथ बैठक कर निर्णय लिया जाएगा । ज्ञापन देने गए प्रतिनिधि मंडल में रमेश निषाद सुनील शेरके , महेंद्र गोंड ,गंगा उइके , नेमीचंद मड़वा , मन्नू गोड़ , पुरुषोत्तम ध्रुव सहित लगभग 100 से अधिक महिलाएं एवं पुरुष शामिल थे ।