छत्तीसगढ़ में चरम पर दमन -कांग्रेस

मोदी कब से देश हो गये? भाजपा कब से देश हो गई?

 

भाजपा सरकार का चरित्र अलोकतांत्रिक तो पहले से ही था अब अपनी विदाई की बेला में रमन सरकार आततायी और क्रूर भी बन गयी है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि गिरते जनाधार और बढ़ते जन आक्रोश से भाजपा सरकार बौखला गयी है। इसीलिए रमन सिंह की सरकार अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज को दबाने के लिए तानाशाही रवैय्या अपना रही है। आदिवासी समाज के आंदोलनों को देशद्रोही की संज्ञा दे दी गयी, विधायक को थाने में दौड़ा कर पिटवाया गया, पुलिसकर्मियों के परिवारों को धमकाया जा रहा, नर्सो को प्रताड़ित किया गया, एक राजनैतिक दल के एक दर्जन कार्यकर्ताओ पर संगीन धाराएं लगा कर एक पखवाड़े से जेल में बंद रखा गया है। प्रधानमंत्री के दौरे के समय एनएसयुआई, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की बिना किसी कारण के सोते उठाकर घर से जबरिया गिरफ्तारियां कर लिया गया। एनएसयुआई के छात्रों के परिजनों को डराया धमकाया गया, उनके माता-पिता को प्रताड़ित किया गया।
शिक्षाकर्मियों के दमन के लिए रमन सरकार ने जो हथकंडे अपनाए थे, उन्हें अब भी छत्तीसगढ़ की जनता नहीं भूली है। नर्सों का आंदोलन कुचलते समय सारी मानवता को दरकिनार कर दिया गया और नर्स बहनों को आंदोलन के समय और गिरफ्तारी के समय जो अमानवीय यातना भुगतनी पड़ी, आंदोलनकारियों के दूध पीते बच्चों को भी रमन सिंह सरकार ने नहीं छोड़ा। आंदोलन को कुचलने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को और पुलिस अधिकारियों को जो फ्रीहैण्ड रमन सिंह सरकार के द्वारा दिया गया है, उसके चलते पूरे प्रदेश में अराजकता की स्थिति बनी है और लोकतंत्र के लिए दूषित वातावरण निर्मित हुआ है। भ्रष्ट अधिकारियों का एक गिरोह भाजपा को सत्ता में बनाए रखने के लिए कुछ भी करने को तैयार है। किसी भी विरोध को कुचलना आज छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र को कहां लेकर जा रहा है, मोदी का विरोध करना, भाजपा का विरोध करना, विपक्षी दलों का अधिकार है लेकिन विरोध करने पर जो धाराएं लगाई जा रही, जिस तरीके से आंदोलन को कुचला जा रहा है, मोदी गो बैक सड़क पर लिख देने मात्र से भरोसे युवक कांग्रेस, एनएसयुआई के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में विरोध की जगह ही नहीं बची है। छत्तीसगढ़ में भाजपा का विरोध मोदी का विरोध देशद्रोह बना दिया गया है। मोदी कब से देश हो गये? भाजपा कब से देश हो गई? मात्र 31 प्रतिशत वोट लेकर केन्द्र में सत्ता में आई, भाजपा और छत्तीसगढ़ में मात्र दशमलव सात चार प्रतिशत (.074 प्रतिशत) वोटों के अंतर से कांग्रेस के भीतर रह कर सहयोग करने वालों की मदद से सत्ता में काबिज भाजपा घमंड ना करें। भाजपा के मददगार भी अब कांग्रेस से बाहर है।

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निश्चित रूप से भाजपा के कुछ सहयोगियों की मदद के चलते भाजपा चुनाव जीतती रही है लेकिन छत्तीसगढ़ के लोग अब भाजपा से आजिज आ चुके हैं, त्रस्त हो चुके हैं, परेशान हैं। भाजपा से छुटकारा पाना चाहते हैं। भाजपा और संघ इसे समझ गये है कि सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी करने पर आमादा है। यह स्थिति बर्दाश्त से बाहर है। महासमुंद के विधायक को यदि लाठियों से पीटा जाता ह,ै विधायकों के खिलाफ अपहरण, राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास के झूठे मुकदमे आज छत्तीसगढ़ में लगाए जा रहे हैं, तो आम लोगों की और खासकर बस्तर में रहने वालों की स्थिति की कल्पना की जा सकती है। लगातार रमन सिंह के सरकारी संरक्षण में लिप्त प्रशासनिक आतंकवाद केवल बस्तर की- बालोद सहित प्रदेश के अनेक स्थानों पर अपना बदसूरत चेहरा दिखा पा रहा है। छत्तीसगढ़ की जनता यह सब नहीं समझती ऐसा भी नहीं यह सब कुछ सह कर भी लोग खामोश ही रहेंगें ऐसा भी नहीं है। विरोध के स्वरों को कुचलने की भाजपा की साजिश का बड़ा जवाब, तगड़ा जवाब, करारा जवाब छत्तीसगढ़ के लोग नवंबर 2018 के चुनाव में देंगे। भारतीय जनता पार्टी को ढूंढते रह जाएंगे, कहीं भाजपा को मुंह छुपाने की जगह भी छत्तीसगढ़ में और देश में भी नहीं मिलेगी।
शैलेश नितिन त्रिवेदी
महामंत्री एवं अध्यक्ष संचार विभाग
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी