दरक रहे कांग्रेसी ईमारत व पार्टी में मचे घमासान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीचंद सुन्दरानी ने कहा कि यह दुर्भाग्य ही है, कि कांग्रेसियों की सत्ता लोलुपता में हमें हमारे संस्कार, संस्कृति व रिश्तों को खत्म होते देखना पड़ रहा है। लगातार अपमान व नकारे जाने के साथ चरित्र हनन जैसे घृणित कृत्य से घुटन महसूस करते हुए कांग्रेस पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष रामदयाल उइके को पार्टी छोड़ भाजपा का दामन थामे अभी चंद घंटे ही हुए हैं, कि बस्तर से राजनीति की पहचान रहे महेन्द्र कर्मा परिवार से वर्तमान विधायक देवती कर्मा के खिलाफ उनके ही बेटे की दावेदारी की खबर आ रही है। कांग्रेस में मचे घमासान साबित कर रहे हैं, कि इस पार्टी में ना अनुशासन है, ना नेतृत्व और ना ही नेता। सी.डी. सीडी के एकल खेल में परास्त ही नहीं अपना सर्वस्व खो चुके नेता भूपेश बघेल के हवाई दावों की पोल खुलते जा रही है।  जिस व्यक्ति का नेतृत्व पार्टी ही स्वीकार नहीं कर रही उसे जनता कैसे स्वीकारेगी।

उन्होंने कहा कि हम डॉ. रमन सिंह जी के नेतृत्व में पिछले 15 सालों से राज्य के विकास में निरंतर सक्रिय हैं, जिसे नकारने व झुठलाने का प्रयास भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी करते आई हैं, अब झूठ और छल के साथ इनकी नकारात्मक गतिविधियां अपने आप जनता के समक्ष आते जा रही है। यह विडंबना ही है, कि सब कुछ सामने आने के बाद भी कांग्रेस नेतृत्व लज्जाहीन बर्ताव कर रही है, और जनता को विशेषकर प्रदेश की माता बहनों को बरगलाने अपमानित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के कृत्यों से राजनीति के गिरते स्तर एवं सत्ता के लालच में रिश्तों की गरिमा तार तार करने पर कांग्रेसियों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की।