21 वीं विश्व कप फुटबॉल 2018: उलटफेर के साथ जारी है प्रतियोगिता

खेल चाहे जो भी हो प्रतिस्पर्धा बहुत कड़ी हो गई है। मैदान में मुकाबला करने उतरी टीम को अब कोई भय नहीं कि हमारा मैच किस टीम के विरुद्ध है। इस विश्व कप में पिछली विजेता जर्मनी और उपविजेता अर्जेन्टीना को पहले ही मैच में उलटफेर का शिकार होना पड़ा। जर्मनी को मैक्सिको ने 1-0 से पछाड़ा तो अर्जेन्टीना और आइसलैंड का मैच 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। जर्मनी को फीफा द्वारा विश्व में पहली वरीयता दी गई है। वह 19 वीं बार विश्व कप में भाग ले रही है । चार बार 1954, 1974, 1990 और 2014  में विश्व कप चैम्पियन रह चुकी है। जबकि मेक्सिको की वरीयता 15 वीं है और वह विश्व कप में 16 वीं बार भाग ले रही है। 1970 और 1986 में उसने 6 वां स्थान प्राप्त किया था।
इसी तरह अर्जेन्टीना 17 वीं बार विश्व कप में शामिल हो रही है। उसकी रेकिंग 5 वीं है। 1978 और 1986 में वह विश्व कप  जीत चुकी है। दूसरी तरफ आइसलैंड को विश्व में 22 वीं वरीयता हासिल है। वे पहली बार विश्व कप में भाग ले रहे हैं। जर्मनी, आइसलैंड, यूरोप महाद्वीप की टीम है अर्जेन्टीना दक्षिण अमेरिका महाद्वीप तथा मैक्सिको उत्तर मध्य अमेरिका व केरेबियाई समूह की टीम है। विश्व कप के दौरान प्रत्येक देश यही चाहता है कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। इस विश्व कप के लिए फीफा द्वारा मान्यता प्राप्त 210 टीमों ने भाग लिया। आरंभिक मुकाबले के बाद अंत 32 टीमों ने फायनल में जगह बनाई। मुख्य टूर्नामेंट में स्थान प्राप्त करने की शुरूवात 12 मार्च 2015 को हुई और उसका अंत 15 नवम्बर 2017 को शुरू। इस दौरान विभिन्न देशों की टीम द्वारा 872 मैच खेले गये जिनमें 2,454 गोल दागे गये। कहने का तात्पर्य एक लंबे सफर के बाद मुख्य स्पर्धा के लिए 32 टीम ने जगह बनाई है। ऐसी परिस्थिति में हर टीम ट्रॉफी जीतने के उद्देश्य से खेलती है। इस विश्व कप में शुरूवाती मैच ने स्पष्ट कर दिया कि कोई टीम किसी से कम नहीं। विश्व में प्रथम वरीयता प्राप्त पिछली विजेता जर्मनी को मेक्सिको ने 0-1 से परास्त करके यह साबित कर दिया है कि मैच के दिन का अपना महत्व है। जो खेलेगा वह जीतेगा। पास चाहे लंबे हो या छोटे खिलाड़ी को मिलना चाहिए। मैदान के बाहर बनाई गई रणनीति कागजी नहीं होना चाहिए । हर खिलाड़ी को उसी के अनुसार प्रदर्शन करना चाहिए।
साथ ही मुकाबला जिससे हो टीम की सोच यही होनी चाहिए कि जीतेंगे हम। मेक्सिको के खिलाडिय़ों ने अपनी कागजी रणनीति को वास्तविकता में बदल दिया जबकि जर्मन टीम बिखर गई। जर्मनी की रक्षा पंक्ति की कमजोरियों का लाभ उठाकर मेक्सिको ने गोल ठोक दिया। दूसरी तरफ अर्जेन्टीना के खिलाडिय़ों ने आइसलैंड की टीम को गंभीरता से नहीं लिया। पर वे यह भूल गये कि पहली बार भाग लेने वाली टीम सबकुछ दांव पर लगा सकती है। ऐसा ही किया आइसलैंड के खिलाडिय़ों। मैच शुरु होते ही उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अर्जेन्टीना जैसी टीम को 1-1 की बराबरी पर और जर्मनी को शिकस्त देकर दोनों विपक्षी टीम ने इन दोनों टीम के टॉप-16 में स्थान बना पाने पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। दूसरी तरफ  रूस ने मेजबान होने के बावजूद शानदार खेल दिखाया और ऊरुग्वे के साथ दोनों आरंभिक मैच जीतकर अंतिम 16 में जगह बना चुके हैं।