धनतेरस,  धन की देवी लक्ष्मी और उनकी उपासना का पर्व दीपावली समेत सभी त्यौहारों की शुभ कामना

 

मैं जब भी छत्तीसगढ़ आती हूँ तो इस बात पर गर्व होता है कि समूचे देश में सबसे ज्यादा महिलाओं का सम्मान यहीं पर है। अपनी बेटी के पांव छू कर उन्हें पूजने वाला यह प्रदेश, बिटिया के जन्म पर लक्ष्मी आगमन की बधाई देने वाला छत्तीसगढ़ हमेशा मुझे अपने मन के करीब लगता है।
यही कारण है कि यहां देश भर में सबसे आदर्श लिंगानुपात (जेंडर रेशियो) छत्तीसगढ़ में है। हजार पर 997. यहां 30 से भी अधिक विधानसभा क्षेत्र यहां ऐसे हैं जहां महिला मतदाताओं की संख्या ज्यादा है. महिलाओं की मतदान दर भी यहाँ पुरुषों से कहीं आगे है।
इस अद्भुत प्रदेश को यह सौभाग्य भी है कि यहाँ के संवेदनशील मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह जी यहां माता-बहनों के उत्थान में जी-जान से जुटे हैं।
यहाँ की पंचायती राज और स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण. यह ऐसा पहला राज्य है। खुशी की बात है कि इस आरक्षण से आगे 57 प्रतिशत नगरीय निकायों में महिला प्रतिनिधि। छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत राज्य में लगभग 13 लाख परिवारों को नए ‘अन्नपूर्णा राशन कार्ड‘ महिला मुखिया के नाम से जारी किए गए हैं।
चाइल्ड केयर लीव यहाँ की महिला कर्मचारियों को दो वर्ष. यह मातृत्व अवकाश के अलावा है। संचार क्रांति योजना के अंतर्गत 45 लाख महिलाओं को पूरे राज्य में स्मार्टफोन बांटे जा रहें हैं। उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 37.2 लाख से अधिक एलपीजी कनेक्शन महिलाओं को वितरित किए जा चुके हैं। सरस्वती साइकिल वितरण योजना के कारण उच्च विद्यालयों में प्रवेश लेने वाली लड़कियों की संख्या 65 प्रतिशत से बढ़कर 93 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
छत्तीसगढ़ में शासकीय महाविद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए स्नातक स्तर तक निःशुल्क शिक्षा सुविधा लागू है।
महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ महिला कोष से विभिन्न व्यापारों के लिए 32,855 स्व-सहायता समूहों (एसएचजीएस) को लगभग रु. 69 करोड़ के ऋण प्रदान किए जा चुके हैं।
नोनी सुरक्षा योजना के तहत 39,000 से अधिक बालिकाओं को पंजीकृत किया गया है जिन्हें 18 साल की उम्र पूरी करने एवं 12वीं कक्षा पार करने पर रु. 1 लाख तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
महिलाओं को परेशानी में मदद करने के लिए 181 महिला हेल्पलाइन लॉन्च की गई है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत गरीब परिवारों की 70 हजार से अधिक बेटियों के विवाह समारोह आयोजित किए गए हैं और रु. 73 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
102 महतारी एक्सप्रेस और 108 संजीवनी एक्सप्रेस जैसी स्वास्थ्य योजनाओं के साथ राज्य भर में 20 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं।