महत्वपूर्ण है खेल संघों की सक्रियता

आगामी 4 से 16 नवम्बर तक गोवा में राष्ट्रीय खेलों का होना तय हो चुका है। 2015 केरला के 35 वीं राष्ट्रीय खेलों में 33 खेलों को शामिल किया गया था। इनमें तीरंदाजी, पानी से संबंधित खेल (जैसे तैराकी आदि), तलवारबाजी, नौका चालन, बॉस्केटबाल, टाइक्वांडो, हॉकी, जूडो, कुश्ती, भारोत्तोलन, फुटबॉल, व्हालीबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स, खो-खो, नेटबॉल, टेबल टेनिस, बुशु, बीच हैंडबॉल, रग्बी सेवेन, निशानेबाजी, पाल नौकायन, सायकलिंग, जिम्नास्टिक, लॉन बाल्ग, ट्राइथलान, बीच व्हालीबाल, हैंडबाल, टेनिस, स्क्वैश, बेडमिंटन, क्याकिंग व कैनोइंग तथा याचिंग शामिल है। 2020- 21 की 37 वीं राष्ट्रीय खेल चूंकि छत्तीसगढ़ में संपन्न होना ंसंभावित है अत: हमारे प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण विभाग, खेल संघ के पदाधिकारियों और खिलाडिय़ों को इसकी तैयारी में अभी से जुटने के लिए मानसिक रूप से तैयार होना चाहिए। इसके अलावा इस संबंध में खेल से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति, खेल प्रेमियों, अभिभावकों को जागरूक होने की आवश्यकता है। गत् दिनों खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय खेलों की तैयारी के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए छत्तीसगढ़ के समस्त खेलों के राजस्तरीय पदाधिकारियों की अत्यंत आवश्यक बैठक आहूत की गई थी। जिसमें राष्ट्रीय खेलों में अच्छे प्रदर्शन के लिए सलाह मंगाये गये थे। निर्धारित समय पर इसका जवाब खेल और युवा कल्याण विभाग को प्राप्त नहीं होसका। अब फिर से इस संबंध में सुझाव के लिए खेल संघों को निवेदन किया गया है। इस तरह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में अच्छा खेल वातावरण बन रहा है। आपसी बातचीत, विचार-विमर्श, सलाह-मशविरे के द्वारा खेल के हित में एकदूसरे को समझने का माहौल बनता है। 1 नवम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 2001, 2002, 2007, 2011, 2015के राष्ट्रीय खेलों में हमारे प्रदेश के खिलाडिय़ों ने भागलिया है और हर बार अधिक पदक प्राप्त किया है।

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हमारे प्रदेश में योग्य, सक्षम खिलाडिय़ों की कमी नहीं है आवश्यकता है उन्हें प्रतियोगिता में मुकाबला करने के लायक शारीरिक व मानसिक रूप से योग्य बनाना। खेल संघों की सक्रियता से कई खेलों में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंच पर हमारे राज्य का नाम रौशन कर रहे हैं उनमें ओलंपिक खेल, नान ओलंपिक खेल और पैराओलंपिक के खिलाड़ी शामिल हैं। अब राष्ट्रीय खेलों के लिए प्रदेश के उन खेल संघों के पदाधिकारियों को विशेष रूप से सजग व सक्रिय होना पड़ा जिन खेलों के मैच 36 वीं व 37 वीं राष्ट्रीय खेलों में होंगे। आयोजन से जुड़े प्रशासनिक और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को इस दिशा में खेल संघों को समयपूर्व उचित मार्गदर्शन देना चाहिए तथा संबंधित खेल संघों के पदाधिकारियों के साथ-साथ खिलाडिय़ों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों, आयोजकों, अभिभावकों, खेल जगत से जुड़े पत्रकारों, समीक्षकों, कमेंटेटरर्स, खेल प्रेमियों से सीधा संवाद स्थापित करना चाहिए। इस माह के आरंभ में हुई बैठक के बाद खेल संघों के द्वारा शासन को उचित जवाब देने में जो विलंब हुआ है उससे सभी को बचना चाहिए। आने वाले तीन वर्ष के अंदर 36 वीं व 37 वीं राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होने की संभावना को देखते हुए खेल संघों को अपनी सक्रियता को बढ़ाना चाहिए। खिलाडिय़ों के चयन से लेकर टीम के प्रशिक्षण, जिला, राज्य, स्तर की स्पर्धा के आयोजन के अलावा प्रतियोगिता के स्तर के खेल मैदान के निर्माण आधुनिक खेल सामग्री आदि निर्णायकों, प्रशिक्षकों की उपलब्धता, खिलाडिय़ों के खान-पान, रहन-सहन, पढ़ाई की उचित व्यवस्था हेतु खेलसंघ के पदाधिकारियों को आगे बढ़कर शासन को अवगत करना चाहिए।