खिलाडिय़ों के साथ अभिभावकों को सेल्यूट

"Deepika Kumari of India shoots during the women's individual round of 32 eliminations at the Lord's Cricket Ground during the London 2012 Olympic Games August 1, 2012." *** Local Caption *** "Deepika Kumari of India shoots during the women's individual round of 32 eliminations at the Lord's Cricket Ground during the London 2012 Olympic Games August 1, 2012. REUTERS"
एक समय था जब महिलाओं को घर-गृहस्थी के कारण बाहर निकलने का अवसर नहीं मिलता था। अब बात अलग है। विश्व स्तर पर यह बात एकमत से स्वीकार की गई है कि क्षेत्र चाहे जो भी हो, जितना अधिकार पुरुषों को दिया गया उतना महिलाओं को भी है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की प्रगति का ब्यौरा देने तक सीमित नहीं है परंतु बची हुई सामाजिक बुराई को दूर करने और समाज को महिलाओं के लिए अपने कत्र्तव्य के प्रति जागरूक करने का अवसर प्रदान करता है। खेलकूद की दृष्टि से देखा जाए तो भारत में 20 वीं सदी में भारतीय खिलाडिय़ों की उपलब्धि को ऊंगली पर गिना जा सकता है। पदम अवार्ड, राजीव गांधी खेल रत्न की चर्चा की जाए तो 21 वीं सदी में भारत की बेटियों की कई उपलब्धिय हासिल की है। तैराक सुश्री आरती साहा भारतीय खेल के इतिहास में पद्मश्री (1960) में पाने वाली पहली महिला खिलाड़ी थीं। मुक्केबाज एम.सी.मेरीकॉम ऐसी पहली महिला खिलाड़ी हैं जिन्हें दो पद्म अवार्ड, पदम श्री व पद्म भूषण दिया गया है। भारत सरकार की सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न और पद्म श्री प्राप्त करने वाली महिला खिलाडिय़ों में धाविका के एम बीनामोल, ज्योर्तिमयी सिकदर, भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी, मुक्केबाज एमसी मेरीकाम, शटलर सायना नेहवाल प्रमुख है। इसके अलावा खेल रत्न प्राप्त करने वाली खिलाडिय़ों में जिमनास्टिक दीपा करमाकर, निशानेबाज अंजली भागवत, भारोत्तोलक कुंजरानी देवी शामिल हैं। सिर्फ पद्म श्री के लिए चुने जाने वाली महिला खिलाडिय़ों में तैराक बुला चौधरी, पर्वतारोही बछेंद्रीपाल, धाविका गीता जुत्शी, कमलजीत संधु, कोनेस हंपी, धाविका एमडी वालसम्मा, दीपिका पल्लीकल, स्क्वैश मधुमिता बिष्ट, पीवी सिंधु बैडमिंटन, सानिया मिर्जा टेनिस, धाविका शाहनी अब्राहम, सुनीता रानी, पीटी उषा, भारोत्तोलक साईखोम, मीराबाई चानु, एथलीट कृष्णा पूनिया, पर्वतारोही अरूणिमा सिन्हा आदि शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज हमारे देश की महान महिला खिलाडिय़ों की जानकारी देना बेहद जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ी को यह ज्ञान हो सके कि हमारे देश में पुरुषों के समान ही सुविधाएं व सम्मान दिया जाता है। ऐसी कई महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने कई अवार्ड के साथ देश-विदेश में भारत का नाम रौशन किया है। विश्व स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाली खिलाडि़य़ों में तीरंदाज दीपिका कुमारी भी हैं जो पहले विश्व में नंबर एक थी अब उन्हें पांचवी वरीयता प्राप्त है। इसी तरह डोला बेनर्जी, बाम्बायाला देवी भी हैं। इनके अलावा क्रिकेटर मिताली राज, झूलन देवी, डायना एडलुजी, गोल्फर शर्मिला निकोलेट, स्क्वैश जोशाना चिनप्पा भी शामिल हैं। एकल स्पर्धा में स्क्वेश की दीपिका पल्लीकल भारत की ऐसी पहली खिलाड़ी हैं जो विश्व वरीयता में पहले दस स्थान में जगह बना सकी थी। ओलंपिक के कुश्ती खेलों में भाग लेने वाली पहली महिला खिलाड़ी गीता फोगट हैं। मेक्सिको में चल रही शूटिंग के वल्र्ड कप में सिर्फ 16 वर्ष की उम्र में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली मानू भाकरा दुनिया की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। इस तरह भारत की कई और महिला खिलाडिय़ों ने खेल जगत में अपनी छाप छोड़ी है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दिन भारत की इन बेटियों की उपलब्धि को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता । छत्तीसगढ़ की बेटियों में पद्म श्री सबा अंजुम, नीता डूमरे छत्तीसगढ़ी की पहली ओलंपियन रेणुका यादव सभी हॉकी खिलाड़ी हैं तथा नेटबॉल खिलाड़ी नेहा बजाज प्रमुख हैं।

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