छत्तीसगढ़ का विधानसभा चुनाव औऱ अंतिम बॉल में छक्का

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स्नातक होने दौर मै राजनीति विषय लेने के बावजूद मुझे अच्छे अंक नही मिले जो इस बात की पुष्टि करते है कि मेरा ज्ञान इस विषय मे कमजोर है।जहाँ तक क्रिकेट की बात है तो निश्चित रूप से कह सकता हूँ कि खेल में रुचि होने के कारण मेरा ज्ञान ठीक ठीक है।
छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव पूर्ण होने के बाद मतगणना में अभी भी एक सप्ताह का समय बचा है । मतगणना से पहले काफी मनगणनाचल रही है।हर कोई समय का बेहतर उपयोग कर रहा है।राजनीति को खेल भी माना जाता है क्योकि खेल के समान जीत हार यहाँ भी होती है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कौन सी टीम जीत कर जाएगी ये तो 11 दिसम्बर को पता चलेगा ।फिलहाल पिछले 3 मैच के विजेता डॉ साहब ने बड़ी ही गूढ़ बात कही है कि इस मैच में जो टीम अंतिम बाल में छक्का जड़ेगी वही विजेता होगी।
इस बात को राजनीति से परे रख कर आंकलन करे तो ये माना जाना चाहिए कि जिस टीम ने पहले बल्लेबाजी कर जितने रन बनाए है उसके गेंदबाज मैच को उस स्थिति में ले आये है जहाँ प्रतिद्वंद्वी टीम के बल्लेबाज को 1 से 5 रन तक बनाने पर जीत नही मिलेगी।छक्का लगाना ही पड़ेगा।छत्तीसगढ़ में 90 सीट है इस आधार पर पहले बल्लेबाजी की टीम ये मान कर चल रही है कि उसने 41 रन बना लिए है अब अगर सामने वाला छक्का लगाएगा तो ही 46 बनेंगे।ये भी मान ले कि विरोधी टीम के भी 40 रन बन गए है और आखिरी बाल शेष है।

मुख्यमंत्री ने किया अखिल भारतीय गोंडवाना कप लॉन टेनिस टुर्नामेंट का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां छत्तीसगढ़ राज्य टेनिस एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय अखिल भारतीय लॉन टेनिस टुर्नामेंट गोंडवाना कप का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित टेनिस खिलाड़ी श्री रोहन बोपन्ना विशेष रूप से उपस्थित थे। यह टुर्नामेंट आज से 7 दिसंबर तक चलेगी। इसमें मुम्बई, बेंगलुरू, हैदराबाद, विशाखापटनम और दिल्ली के लगभग 32 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने शुभारंभ समारोह कोे सम्बोधित करते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि लगभग आठ दशक पुरानी इस प्रतियोगिता ने कई उतार चढ़ाव देखे हैं। आज यह प्रतियोगिता देश में एक विशिष्ट पहचान बनने में सफल हुई है। पूरे देश में इसकी पहचान है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के रियाज लतीफ, एफ.एक्स सेन्टियागो, सिद्धार्थ विश्वकर्मा और अभिजीत त्रिपाठी के अलावा जयदीप मुखर्जी, विशाल नायर सहित अनेक अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी भी हिस्सा ले चुके हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह सिसोदिया ने राज्य में टेनिस को बढ़ावा देने के लिए एसोसिएशन द्वारा किए जा रहे प्रयासों और प्रतियोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टेनिस एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष श्री लाारेंस सेन्टियागो और छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष श्री विष्णु श्रीवास्तव सहित छत्तीसगढ़ राज्य टेनिस एसोसिएशन के पदाधिकारी, टेनिस खिलाड़ी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी नागरिक उपस्थित थे।

क्रिकेट के समान राजनीति में डक वर्थ -लुइस का नियम लगता तो नही है कि मौसम बिगड़ जाए और खेल प्रभावित हो जाये तो ओवर कम और टारगेट बड़ा हो जाये लेकिन राज्य में तीसरी टीम के होने के कारण इसकी उम्मीद तब होगी जब दोनो टीम का खेल मौसम बिगाड़ दे और मैच बराबरी पर आ जाये।
क्रिकेट खेल में इतने लंबे समय मे केवल 6 अवसर ऐसे आये है जब अंतिम बाल पर छक्का लगाकर बल्लेबाज़ों ने अपनी टीम को जिताया है।
1. जावेद मियांदाद(पाकिस्तान)
बात 1986 की है ।पाकिस्तान और भारत शारजहां में फाइनल खेल रहे थे।पाकिस्तान को 50 वे ओवर की आखिरी बाल में 4 रन बनाने थे। जाएद मियांदाद सामने थे।चेतन शर्मा ने ज्यो ही यॉर्कर बाल डाली जावेद ने मिडविकेट के ऊपर से छक्का जड़ दिया। देश भर में मातम फैल गया उधर पाकिस्तान में जश्न मनने लगा।आजतक जावेद और चेतन को दोनो देश मे याद किया जाता है।

2. लांस क्लूजनर( साउथ अफ्रीका)
1999 में न्यूजीलैंड ने भी 1986 की स्थिति में मैच को ले खड़ा किया ।फिर आखिरी बाल फिर 4 रन जीतने के लिए।फिर वही छक्का औऱ फिर वही जीत हार।। क्लूजनर ने डियांन नेश की अंतिम बॉल को सीमा रेखा के पार उड़ा दिया।

3. ब्रेडन टेलर(ज़िम्बाब्वे)
2006 में बंगला देश और ज़िम्बाब्वे के बीच हुए मैच में आखिरी बाल में नया टारगेट 5 रन के रूप में आया।सीधा मतलब था 6 से कम लगे तो हारे। इसके पहले 4 मारनेपर बराबरी का चांस तो था। बांग्लादेश के मुतर्ज़ा ने अंतिम ओवर की अंतिम बॉल फेंकी और टेलर ने निर्ममतापूर्वक बॉल को बाउंड्री के बाहर टांग दिया।

4. शिवनारायण चंद्रपाल(वेस्टइंडीज)
2008 में श्रीलंका औऱ वेस्टइंडीज आमने सामने थी।अब तक जितने भी बल्लेबाजो ने अंतिम बॉल पर 6 लगाया था उनको 5 रन का टारगेट था लेकिन शिवनारायण को अंतिम 2 बाल में10 रन बनाने थे याने आखिरी दोनो बॉल में दो छक्के जड़ना मजबूरी थी।चामिंडा वास की बाल पर शिवनारायण ने ये भी करिश्मा दिखाते हुए अंतिम दोनो बॉल को पैवेलियन में पहुँचा दिया।

5. रेयॉन मैक्लेर्न(साउथ अफ्रीका)
2013 में न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के मैच में साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 3 रन चाहिये थे।अंतिम बॉल फ्रेंक्लिन ने डाला और रेयॉन ने कोई जोखिम उठायें बगैर बॉल को सीमा रेखा से पर कर दिया।

6.2018 में भारत की टीम श्रीलंका गई थी।आखरी दो ओवर में34 रन बनाने पर ही जीत मिलना थी।दिनेश कार्तिक उतरे तो मैदान में रन की झड़ी लग गई। महज 8 बॉल में 23 रन बनाने के बाद आखिरी बॉल में 5 रन याने छक्के की मजबूरी सामने थी।दिनेश, जिन्हें लोगो ने भुला दिया था उन्होंने सौम्य सरकार की अंतिम ओवर की अंतिम बॉल को लांग ऑन के ऊपर से बाहर किया औऱ भारत अनोखे अंदाज जिसे विस्फोटक भी कह सकते है शानदार जीत का हकदार बन गया।
अब छत्तीसगढ़ की भावी राजनीति को ऊपर की स्थिति में डाल दे तो सबसे कठिन चंद्रपाल जैसी स्थिति है। इसमे जोखिम कूट कूट कर भरा है।एक नही दो बाल में दो छक्के जड़ना पड़ेगा। इसके बाद दिनेश कार्तिक और ब्रेडन टेलर जैसे बल्लेबाजी भी कठिन है जिसमे आखरी बॉल पर 6 नही लगा तो हार सामने है।तीसरी स्थिति में जावेद और लांस क्लूजनर की स्थिति है कि 4 लगाए तो टाई हो जाएगा।चौथी स्थिति रेयॉन मैक्लेर्न की है जो सहज है जिसमे मात्र 3 रन बनाने है औऱ 6 लगा दिये जाय।
छत्तीसगढ़ में दूसरी पारी खेलनेवाले को ही 6 लगाना पड़ेगा ऐसा डॉ साहब कह रहे है। इधर लगान की भी कहानी चल रही है कि बॉल भले ही मैदान के भीतर कैच कर लिया जाए लेकिन कैच पकड़ कर फील्डर अगर सीमा रेखा पार कर गया तो भी 6 के लिए अंपायर हाथ हवा में उठा देगा। इधर एक टीम के कप्तान ये कह रहे है छक्का नही लगेगा बल्कि हिट विकेट की भी कोशिश होगी ।ये भी हो सकता है कि अन्य तरीके से आउट करने की भी कोशिश हो।

लेखक – अजय दुबे

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